नगर में टे्रेफिक व्यवस्था बदहाल
नेशनल हाईवे 52 से गुजरते वाहनों के कारण इस मार्ग पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इस मार्ग पर यात्री बसों का ठहराव होने के साथ ही ट्रैक्टर, टैंपो आदि भारी वाहन भी यहीं से गुजरते हैं। ऐसे में यहां कई बार जाम की स्थिति बन जाती है तथा जाम से वाहन निकालते समय कई बार खलासी आपस में उलझ जाते हैं।
मेन रोड, पदमपुर रोड तथा जय स्तंभ चौक में दिन में कई बार लगने वाले जाम से वाहन चालकों को निजात दिलाने के लिए यहां पर पुलिस भी नजर नहीं आती है। ट्रेफिक व्यवस्था इतनी बदहाल हो गई है कि टैक्सी व अन्य वाहन चालक बीच मार्ग में अपना वाहन खड़ा कर देते हैं। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाने का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।
कस्बे में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के संबंध कई बार समाचार प्रकाशित किया जा चुका है वहीं जनप्रतिनिधियों व नाकरिकों की ओर से भी ट्रेफिक व्यवस्था सुधार के संबंध में विभिन्न स्तरों पर मांग की गई लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। पदमपुर रोड को सरायपाली का सबसे व्यस्त रोड कना अतिशियोक्ति नहीं होगी, व्यापारियों के द्वारा अपना सामान रोड में फैला कर रखा जाता है, खासकर मंगलवार के दिन को यहाँ का ट्रेफ्रिक और भी बदहाल हो जाता है।
मेन रोड, पदमपुर रोड तथा जय स्तंभ चौक में दिन में कई बार लगने वाले जाम से वाहन चालकों को निजात दिलाने के लिए यहां पर पुलिस भी नजर नहीं आती है। ट्रेफिक व्यवस्था इतनी बदहाल हो गई है कि टैक्सी व अन्य वाहन चालक बीच मार्ग में अपना वाहन खड़ा कर देते हैं। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाने का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।
कस्बे में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के संबंध कई बार समाचार प्रकाशित किया जा चुका है वहीं जनप्रतिनिधियों व नाकरिकों की ओर से भी ट्रेफिक व्यवस्था सुधार के संबंध में विभिन्न स्तरों पर मांग की गई लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। पदमपुर रोड को सरायपाली का सबसे व्यस्त रोड कना अतिशियोक्ति नहीं होगी, व्यापारियों के द्वारा अपना सामान रोड में फैला कर रखा जाता है, खासकर मंगलवार के दिन को यहाँ का ट्रेफ्रिक और भी बदहाल हो जाता है।
जगह जगह अघोषित बस स्टैण्ड
बस संचालकों के द्वारा मार्ग पर मनमर्जी से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। नगर पंचायत व पुलिस प्रशासन में आपसी समन्वय के अभाव के चलते आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। मेन रोड, जय स्तंभ चौक के आस पास बस रूकते हैं, यहाँ अक्सर बड़ी गाडिय़ाँ भी जाम हो जाया करती हैं, स्थानीय चौक में बैंक के आ जाने के कारण और भी भीड़ - भाड़ बढ़ गया है, जहाँ जाम देखना आम बात हो गया है।
तीन नहीं चार - चार बाईक सवारों से परेशानियाँ बढ़ी
वैसे तो मोटरसायकल पर तीन सवारी देखना आम बात है पर यहाँ तो चार - चार सवारियाँ बैठक अपने और दूसरों की जान को जोखिम में डालने से भी राहगीर कोई गुरेज नहीं करते। नौसिखियों के द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ती के कारण भी दुर्घटनाओं में ईजाफा हो रहा है। आये दिन रोज नाना के प्रकार के भिडं़त और दुर्घटनाएँ प्रकाश में आती हैं।
तीन नहीं चार - चार बाईक सवारों से परेशानियाँ बढ़ी
वैसे तो मोटरसायकल पर तीन सवारी देखना आम बात है पर यहाँ तो चार - चार सवारियाँ बैठक अपने और दूसरों की जान को जोखिम में डालने से भी राहगीर कोई गुरेज नहीं करते। नौसिखियों के द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ती के कारण भी दुर्घटनाओं में ईजाफा हो रहा है। आये दिन रोज नाना के प्रकार के भिडं़त और दुर्घटनाएँ प्रकाश में आती हैं।
टेक्ट्रर, जीप, कमाण्डर में ठूंसे जाते हैं
कृषि कार्य के लिए गये ट्रेक्टर में पूरे के पूरे ग्रामवासी ठूंस कर मार्केंटिंग करने शहर आते हैं। टे्रक्टर ट्रॉली में महिलाएँ, बच्चे, बुजुर्ग और साथ ही बड़े स्टाईलिस तरीके से बैठने वाले युवाओं की कमी नही होती। अब आप ही खुद अनुमान लगा लिजिए की यदि ये वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं तो उसमें विराजमान यात्रियों का क्या हाल होगा। ट्रॉली पलटने की घटना अक्सर सुनाई में भी आते रहते हैं।

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