गुरुवार, 26 जून 2014

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर
जागरूकता कार्यक्रम एवं शरबत वितरण
सरायपाली। जाग्रत युवा मंच के द्वारा 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर ईदगाह मार्के ट के समीप आम नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम एवं शरबत वितरण किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने आम जनता को रक्तदान करने के फायदे बतलाये। विदित हो कि सरायपाली क्षेत्र में ब्लड कॉल सेंटर का सफल संचालन किया जा रहा है जिसमें सरायपाली के अनेक रक्तदाताओं के सहयोग से रक्त मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाता है। समिति के कार्यकर्त्ता अधिक से अधिक रक्तदाताओं को अपने साथ जोड़ने में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास पर सरायपाली विधायक श्री रामलाल चौहान के नेतृत्व में आए सरायपाली के नागरिकों के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने सरायपाली में स्वीकृत केन्द्रीय विद्यालय जल्द प्रारंभ कराने और नगर पंचायत सरायपाली को नगर पालिका बनाने के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में उचित पहल का आश्वासन प्रतिनिधि मंडल को दिया। प्रतिनिधि मंडल में सरायपाली नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री चंद्रकुमार पटेल, श्री छतर सिंह नायक, श्री संजय शर्मा और श्री स्वर्णसिंह सलूजा भी शामिल थे।

रविवार, 4 मई 2014

सूचना का अधिकार के तहत नहीं मिल रही जानकारी।
0 सरपंच के स्थान पर सरपंच पति कर रहे कार्य का निष्पादन
0 उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगे जाग्रत युवा मंच के कार्यकर्त्ता
    सरायपाली। सरायपाली नगर में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी नहीं मिल रही है। आरटीआई कार्यकर्त्ता पर जानकारी न लेने एवं आवेदन वापसी का दबाव बनाया जा रहा है। जाग्रत युवा मंच के अध्यक्ष एवं आरटीआई कार्यकर्त्ता मुस्तफीज आलन ने बताया कि ग्राम पंचायत अर्जुण्डा में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी हेतु आवेदन लगाया था जानकारी नहीं मिलने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद पंचायत सरायपाली में प्रथम अपील दायर किया जिसके बाद 23.03.2014 को सुनवाई हेतु बुलाया गया परन्तु उस दिन जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत अर्जुण्डा उपस्थित नहीं हुए इसके पश्चात जानकारी देने हेतु समय माँगकर 26.03.2014 को पुन: बुलाया गया। आरटीआई कार्यकर्त्ता मुस्तफीज आलम उपस्थित होने के बाद भी कई देर तक सरपंच पति जयदेव भोई द्वारा दादागिरी दिखाते हुए आवेदन को वापस करने का दबाव जनपद पंचायत के कर्मचारियों के सामने बनाता रहा, पंचायत सी.ई.ओ. एवं कर्मचारियों से सरपंच पति को कार्यलय से बाहर जाने कहने पर अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। सरपंच पति एवं जनपद के कार्मचारियों की मिलीभगत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि महिला सरपंच उपस्थित न होने के बाद भी नोट शीट में सरपंच को उपस्थित लिखा गया एवं सरपंच के स्थान पर सरपंच पति के द्वारा हस्ताक्षर किया गया आवेदक द्वारा विरोध करने पर आवेदक को तरह-तरह से उलझाने की कोशिश की गई और भारी विरोध करने के बाद नोटशीट में जनपद पंचायत के बाबू द्वारा सरपंच उपस्थित को सुधारकर संरपंच पति उपस्थित लिखा गया। आवेदक ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर सी.ई.ओ. द्वारा नि:शुक्ल जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई है, विदित हो कि ग्राम पंचायत अर्जुण्डा में कई कार्यों में अनियमितता  एवं फर्जीवाड़ा की गई है, वहीं सूचना के अधिकारी से प्राप्त दस्तावेजों से कई तथ्य सामने आ सकते हैं। जाग्रत युवा मंच के  मिडिया प्रभारी पुरूषोत्तम प्रधान, गोकुल बेहेरा, नीतेश सांदल,  रेशम प्रधान आदि ने बताया कि सरपंच पति एवं जनपद कर्मचारियों की शिकायत उच्चाधिकारीयों से की जावेगी।

शनिवार, 30 जून 2012

प्रकृति के प्रारंभ से ही प्राणियों में मनुष्यों और पaशु-पक्षियों के बीच भावनात्मक संबंध रहा है. परस्पर स्नेह और अपनत्व भाव के चलते सभी एक दूसरे के अनुरुप मद्दगार भी साबित होते रहे हंै. आदमजात और शांति के दूत कहे जाने वाले कपोतों (कबूतरों) के बीच का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही है प्रति इन्सानों की स्नेहिल भावनाएं अभी भी जीवित है. सरायपाली जिले का अकेला ऐसा केंद्र है जिसे कबूतरों का नगर कहा जा सकता है. यहां पर जनसंख्या के समतुल्य की आधी आबादी संख्या में कबूतर निर्भय होकर वास करते हैं. वर्तमान में सरायपाली का भीड़-भरा कोलाहलमय माहौल कबूतरों के लिए सर्वथा अनुकूल बना हुआ है. यहां के दर्जनों मकानों में कबूतर निर्भय होकर निवास करते हंै. नगर के पशु-पक्षी प्रेमी नागरिक भी कबूतरों को मक्का-गेहूं, बाजरा चुगाने सड़क किनारे दाने बिखराने से पीछे नहीं रहते. जब सड़कों पर कबूतरों का झुंड दाना चुगने उतरता है तब का दृश्य काफी विहंगम होता है. सरायपाली के लोग तो इसके हर दिन के गवाह है. लेकिन, प्रवासियों के स्मृति पटल पर कबूतरों की अटखेलियों लम्बे समय के लिए स्मरणीय होकर रह जाती है.